ग्रंथमहाभारतभीष्मपर्वअध्याय 6161.57महाभारत 61.57न संख्यां न परीमाणं न तेजो न पराक्रमम् न बलं योगयोगीश जानीमस्ते न संभवम्पिछलाअगलापूरा अध्याय