ग्रंथमहाभारतभीष्मपर्वअध्याय 6161.48महाभारत 61.48व्यक्ताव्यक्तामितस्थान नियतेन्द्रिय सेन्द्रिय असंख्येयात्मभावज्ञ जय गम्भीर कामदपिछलाअगलापूरा अध्याय