ग्रंथमहाभारतभीष्मपर्वअध्याय 5959.10महाभारत 59.10द्रौपदेयाभिमन्युश्च शिखण्डी च महारथः न प्राजहन्भीमसेनं भये जाते महाबलम्पिछलाअगलापूरा अध्याय