ग्रंथमहाभारतभीष्मपर्वअध्याय 5858.34महाभारत 58.34स गजान्गदया निघ्नन्व्यचरत्समरे बली भीमसेनो महाबाहुः सवज्र इव वासवःपिछलाअगलापूरा अध्याय