Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 55.78

विशीर्णनागाश्वरथध्वजौघं; भीष्मेण वित्रासितसर्वयोधम्
युधिष्ठिरानीकमभिद्रवन्तं; प्रोवाच संदृश्य शिनिप्रवीरः

पूरा अध्याय