ग्रंथमहाभारतभीष्मपर्वअध्याय 5454.15महाभारत 54.15भीमसेनस्तु संक्रुद्धो दुर्योधनममर्षणम् हृद्यविध्यत्पृषत्केन प्रहसन्निव पाण्डवःपिछलाअगलापूरा अध्याय