ग्रंथमहाभारतभीष्मपर्वअध्याय 5353.25महाभारत 53.25ततो द्रोणश्च भीष्मश्च सैन्धवश्च जयद्रथः पुरुमित्रो विकर्णश्च शकुनिश्चापि सौबलःपिछलाअगलापूरा अध्याय