ग्रंथमहाभारतभीष्मपर्वअध्याय 5353.17महाभारत 53.17पत्तिसंघा हयारोहैः सादिसंघाश्च पत्तिभिः पात्यमाना व्यदृश्यन्त शतशोऽथ सहस्रशःपिछलाअगलापूरा अध्याय