ग्रंथमहाभारतभीष्मपर्वअध्याय 4848.66महाभारत 48.66तथैव पाण्डवं युद्धे देवैरपि दुरासदम् न विजेतुं रणे भीष्म उत्सहेत धनुर्धरम्पिछलाअगलापूरा अध्याय