ग्रंथमहाभारतभीष्मपर्वअध्याय 4545.38महाभारत 45.38स हताश्वे रथे तिष्ठन्मद्राधिपतिरायसीम् उत्तरान्तकरीं शक्तिं चिक्षेप भुजगोपमाम्पिछलाअगलापूरा अध्याय