ग्रंथमहाभारतभीष्मपर्वअध्याय 4545.25महाभारत 45.25स राजतो महास्कन्धस्तालो हेमविभूषितः सौभद्रविशिखैश्छिन्नः पपात भुवि भारतपिछलाअगलापूरा अध्याय