ग्रंथमहाभारतभीष्मपर्वअध्याय 4545.17महाभारत 45.17तमासाद्य महावेगैर्भीष्मो नवभिराशुगैः विव्याध समरे तूर्णमार्जुनिं परवीरहापिछलाअगलापूरा अध्याय