ग्रंथमहाभारतभीष्मपर्वअध्याय 4141.68महाभारत 41.68युधिष्ठिर उवाच हन्त पृच्छामि ते तस्मादाचार्य शृणु मे वचःपिछलाअगलापूरा अध्याय