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महाभारत 41.13

नकुल उवाच
एवंगते त्वयि ज्येष्ठे मम भ्रातरि भारत
भीर्मे दुनोति हृदयं ब्रूहि गन्ता भवान्क्व नु

पूरा अध्याय