Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 29.4

भूमिरापोऽनलो वायुः खं मनो बुद्धिरेव च
अहंकार इतीयं मे भिन्ना प्रकृतिरष्टधा

पूरा अध्याय