ग्रंथमहाभारतभीष्मपर्वअध्याय 2727.21महाभारत 27.21बाह्यस्पर्शेष्वसक्तात्मा विन्दत्यात्मनि यत्सुखम् स ब्रह्मयोगयुक्तात्मा सुखमक्षयमश्नुतेपिछलाअगलापूरा अध्याय