ग्रंथमहाभारतभीष्मपर्वअध्याय 2424.50महाभारत 24.50बुद्धियुक्तो जहातीह उभे सुकृतदुष्कृते तस्माद्योगाय युज्यस्व योगः कर्मसु कौशलम्पिछलाअगलापूरा अध्याय