ग्रंथमहाभारतभीष्मपर्वअध्याय 2222.11महाभारत 22.11उद्वर्तयिष्यंस्तव पुत्रसेना;मतीव रौद्रं स बिभर्ति रूपम् अनायुधो यः सुभुजो भुजाभ्यां; नराश्वनागान्युधि भस्म कुर्यात्पिछलाअगलापूरा अध्याय