ग्रंथमहाभारतभीष्मपर्वअध्याय 1515.33महाभारत 15.33पार्श्वतः केऽभ्यवर्तन्त गच्छन्तो दुर्गमां गतिम् समूहे के परान्वीरान्प्रत्ययुध्यन्त संजयपिछलाअगलापूरा अध्याय