ग्रंथमहाभारतभीष्मपर्वअध्याय 1515.20महाभारत 15.20यः स्पर्धते रणे नित्यं जामदग्न्यं महाबलम् अजितं जामदग्न्येन शक्रतुल्यपराक्रमम्पिछलाअगलापूरा अध्याय