ग्रंथमहाभारतभीष्मपर्वअध्याय 1212.1महाभारत 12.1धृतराष्ट्र उवाच जम्बूखण्डस्त्वया प्रोक्तो यथावदिह संजय विष्कम्भमस्य प्रब्रूहि परिमाणं च तत्त्वतःअगलापूरा अध्याय