Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 113.7

यथा हि शैशिरः कालो गवां मर्माणि कृन्तति
तथा पाण्डुसुतानां वै भीष्मो मर्माण्यकृन्तत

पूरा अध्याय