ग्रंथमहाभारतभीष्मपर्वअध्याय 112112.49महाभारत 112.49सा छिन्ना बहुधा राजन्द्रोणचापच्युतैः शरैः चूर्णीकृता विशीर्यन्ती पपात वसुधातलेपिछलाअगलापूरा अध्याय