ग्रंथमहाभारतभीष्मपर्वअध्याय 104104.10महाभारत 104.10एवं व्यूह्य महत्सैन्यं पाण्डवास्तव वाहिनीम् अभ्यद्रवन्त संग्रामे त्यक्त्वा जीवितमात्मनःपिछलाअगलापूरा अध्याय