ग्रंथमहाभारतभीष्मपर्वअध्याय 103103.71महाभारत 103.71आत्तशस्त्रो रणे यत्तो गृहीतवरकार्मुकः न्यस्तशस्त्रं तु मां राजन्हन्युर्युधि महारथाःपिछलाअगलापूरा अध्याय