ग्रंथमहाभारतभीष्मपर्वअध्याय 102102.64महाभारत 102.64पार्थस्तु विष्टभ्य बलाच्चरणौ परवीरहा निजघ्राह हृषीकेशं कथंचिद्दशमे पदेपिछलाअगलापूरा अध्याय