ग्रंथमहाभारतभीष्मपर्वअध्याय 100100.33महाभारत 100.33वार्ष्णेयभुजवेगेन प्रणुन्ना सा महाहवे अभिदुद्राव वेगेन कालरात्रिर्यथा नरम्पिछलाअगलापूरा अध्याय