ग्रंथमहाभारतभीष्मपर्वअध्याय 100100.20महाभारत 100.20समागतौ तौ तु रणे महामात्रौ व्यरोचताम् यथा दिवि महाघोरौ राजन्बुधशनैश्चरौपिछलाअगलापूरा अध्याय