ग्रंथमहाभारतउद्योगपर्वअध्याय 8888.55महाभारत 88.55पूर्वैराचरितं यत्तत्कुराजभिररिंदम अक्षद्यूतं मृगवधः कच्चिदेषां सुखावहम्पिछलाअगलापूरा अध्याय