ग्रंथमहाभारतउद्योगपर्वअध्याय 7171.20महाभारत 71.20कुलीनस्य च या निन्दा वधश्चामित्रकर्शन महागुणो वधो राजन्न तु निन्दा कुजीविकापिछलाअगलापूरा अध्याय