ग्रंथमहाभारतउद्योगपर्वअध्याय 6666.1महाभारत 66.1संजय उवाच अर्जुनो वासुदेवश्च धन्विनौ परमार्चितौ कामादन्यत्र संभूतौ सर्वाभावाय संमितौअगलापूरा अध्याय