Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 47.68

यो रुक्मिणीमेकरथेन भोज्या;मुत्साद्य राज्ञां विषयं प्रसह्य
उवाह भार्यां यशसा ज्वलन्तीं; यस्यां जज्ञे रौक्मिणेयो महात्मा

पूरा अध्याय