ग्रंथमहाभारतउद्योगपर्वअध्याय 3838.30महाभारत 38.30न बुद्धिर्धनलाभाय न जाड्यमसमृद्धये लोकपर्यायवृत्तान्तं प्राज्ञो जानाति नेतरःपिछलाअगलापूरा अध्याय