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महाभारत 37.28

घृणी राजा पुंश्चली राजभृत्यः; पुत्रो भ्राता विधवा बालपुत्रा
सेनाजीवी चोद्धृतभक्त एव; व्यवहारे वै वर्जनीयाः स्युरेते

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