ग्रंथमहाभारतउद्योगपर्वअध्याय 3333.14महाभारत 33.14कच्चिदेतैर्महादोषैर्न स्पृष्टोऽसि नराधिप कच्चिन्न परवित्तेषु गृध्यन्विपरितप्यसेपिछलाअगलापूरा अध्याय