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महाभारत 32.23

एतान्गुणान्कर्मकृतानवेक्ष्य; भावाभावौ वर्तमानावनित्यौ
बलिर्हि राजा पारमविन्दमानो; नान्यत्कालात्कारणं तत्र मेने

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