Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 192.17

एवं संभाषमाणौ तौ दृष्ट्वा शोकपरायणौ
शिखण्डिनी तदा कन्या व्रीडितेव मनस्विनी

पूरा अध्याय