ग्रंथमहाभारतउद्योगपर्वअध्याय 187187.17महाभारत 187.17न विषादस्त्वया कार्यो भीष्म काशिसुतां प्रति दैवं पुरुषकारेण को निवर्तितुमुत्सहेत्पिछलाअगलापूरा अध्याय