Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 177.24

न्यविशन्त ततः सर्वे परिगृह्य सरस्वतीम्
तापसास्ते महात्मानो भृगुश्रेष्ठपुरस्कृताः

पूरा अध्याय