ग्रंथमहाभारतउद्योगपर्वअध्याय 176176.17महाभारत 176.17धनुष्पाणिरदीनात्मा खड्गं बिभ्रत्परश्वधी विरजा राजशार्दूल सोऽभ्ययात्सृञ्जयं नृपम्पिछलाअगलापूरा अध्याय