ग्रंथमहाभारतउद्योगपर्वअध्याय 175175.19महाभारत 175.19निर्जित्य पृथिवीपालानथ भीष्मो गजाह्वयम् आजगाम विशुद्धात्मा कन्याभिः सह भारतपिछलाअगलापूरा अध्याय