Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 166.9

युध्यस्व पार्थं समरे येन विस्पर्धसे सह
द्रक्ष्यामि त्वां विनिर्मुक्तमस्माद्युद्धात्सुदुर्मते

पूरा अध्याय