ग्रंथमहाभारतउद्योगपर्वअध्याय 163163.12महाभारत 163.12व्यलीकं पाण्डवेयेन भीमसेनानुजेन ह दिशो विजयता राजञ्श्वेतवाहेन भारतपिछलाअगलापूरा अध्याय