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महाभारत 152.23

अक्षौहिण्यो दशैका च संख्याताः सप्त चैव ह
अक्षौहिण्यस्तु सप्तैव पाण्डवानामभूद्बलम्
अक्षौहिण्यो दशैका च कौरवाणामभूद्बलम्

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