ग्रंथमहाभारतउद्योगपर्वअध्याय 150150.17महाभारत 150.17ते तथेति प्रतिज्ञाय श्वोभूते चक्रिरे तथा हृष्टरूपा महात्मानो विनाशाय महीक्षिताम्पिछलाअगलापूरा अध्याय