ग्रंथमहाभारतउद्योगपर्वअध्याय 149149.17महाभारत 149.17स द्रोणभीष्मावायान्तौ सहेदिति मतिर्मम स हि दिव्यास्त्रविद्राजा सखा चाङ्गिरसो नृपःपिछलाअगलापूरा अध्याय