ग्रंथमहाभारतउद्योगपर्वअध्याय 146146.24महाभारत 146.24बद्ध्वा वा निकृतिप्रज्ञं धार्तराष्ट्रं सुदुर्मतिम् साध्विदं राज्यमद्यास्तु पाण्डवैरभिरक्षितम्पिछलाअगलापूरा अध्याय