ग्रंथमहाभारतउद्योगपर्वअध्याय 132132.15महाभारत 132.15महार्हमाल्याभरणां सुमृष्टाम्बरवाससम् पुरा दृष्ट्वा सुहृद्वर्गो मामपश्यत्सुदुर्गताम्पिछलाअगलापूरा अध्याय