ग्रंथमहाभारतउद्योगपर्वअध्याय 132132.11महाभारत 132.11समृद्धिरसमृद्धिर्वा पूर्वेषां मम संजय एवं विद्वान्युद्धमना भव मा प्रत्युपाहरपिछलाअगलापूरा अध्याय