Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 131.12

मास्तं गमस्त्वं कृपणो विश्रूयस्व स्वकर्मणा
मा मध्ये मा जघन्ये त्वं माधो भूस्तिष्ठ चोर्जितः

पूरा अध्याय